मध्यप्रदेश

‘सुहासिनीताई वायंगणकर’ एक प्रेरणादायी बहुआयामी बुजुर्ग महिला कलाकार

‘सुहासिनीताई  वायंगणकर’ एक प्रेरणादायी बहुआयामी बुजुर्ग महिला कलाकार

इंदौर : अपने जिंदगी में एक हजार से ज्यादा पूनम के चंद्रमा के दर्शन कर चुकी ये है 83 वर्षीय बेहद उत्साही,ऊर्जावान और सृजनशील प्रेरणादायी बुजुर्ग महिला कलाकार श्रीमती सुहासिनी अनंत वायंगणकर।

इंदौर शहर के एम.आय.जी कोलोनी की निराभिमानी निवासी सुहासिनी जी इस आयु में भी रोजाना विविधरंगी देखते ही आंखों को भानेवाली अप्रतिम चित्र तथा अन्य कलाकृतीयां बनाने में तल्लीन रहती है। उन्होंने आज तक हजारो कलाकृतीयां हालात के मारे और रुचि रखनेवाले रसिको को सहज-सहर्ष भेट स्वरूप की है। देशप्रसिद्ध इंदौर फाईन आर्ट कॉलेज की स्टूडेंट रही सुहासिनी जी ने बीए , एम.म्युज तथा चित्रकले की परीक्षाऐ ऊत्तीर्ण की है। अच्छी – मंजी हुई गायिका होने के साथ ही तबला वादन में भी सिद्धहस्त है।

बरसो से निस्वार्थ भावना से सार्वजनिक कार्यो में सक्रिय, संवेदनशील समाज सेविका सुहासिनीजी प्रसिद्ध”उत्कर्ष भक्ती भजनी मंडल(एमआयजी कॉलोनी) संस्थापिका भी है। विगत 65 साल से डेली डायरी विशेष संस्मरण लेखन भी कर रही है। आत्मदिक्षीत सुहासिनीजी सुंदर चित्र , रांगोली, गुड़ियों के अलावा छोटे बच्चों के कपड़े भी सीती है और गरिब बच्चों को भेट करती रहती है। शहर की इस बहुआयामी कृतिशील उम्रदराज महिला की कलाकृतियों का संग्रह शहर के कलाअनुरागियों ने तथा उभरते कलाकृतियों का संग्रह एक मर्तबा देखना ही चाहिये।

अनिल कुमार धड़वाईवाले

Leave a Comment