मध्यप्रदेश

सरकार के खजाने पर पहला हक श्रमिकों का है: शिवराज सिंह चौहान

सरकार के खजाने पर पहला हक श्रमिकों का है: शिवराज सिंह चौहान

जबलपुर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि श्रमिकों की जिंदगियों में खुशियां लाना हमारा संकल्प है। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विभिन्न कल्याण योजनाओं का सूत्रपात इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार के खजाने पर पहला हक उसका है जो सबसे गरीब और सबसे पीछे है।

चौहान कल यहां असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्धनता में जीवन गुजार रहे श्रमिकों की बेहतरी के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने तय किया है कि प्रदेश की धरती पर कोई भी गरीब बिना जमीन के टुकड़े के नहीं रहेगा, बल्कि उसे पट्टा देकर जमीन का मालिक बनाया जाएगा। जिले में एक लाख से अधिक पट्टे दिए जाएंगे।

उन्होंने श्रमिकों से आग्रह किया कि वे अपने सभी बच्चों को जरूरी तौर पर पढ़ाएं। उनके बच्चों की पढ़ाई की फीस सरकार भरेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने मजदूरों के परिवारों के सदस्यों के मुफ्त इलाज के अलावा महिला श्रमिकों के मातृत्व के दौरान राशि मुहैया कराने के भी प्रावधान किए हैं। उन्होंने दो सौ रूपए के फ्लैट रेट पर बिजली देने, दुर्घटना मृत्यु के मामले में परिवार को 4 लाख रूपए दिए जाने सहित अन्य प्रावधानों का भी उल्लेख किया।

चौहान ने श्रमिकों से स्वरोजगार योजनाओं और आजीविका मिशन से जुड़ने की भी अपील की है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को गरीबी के अभिशाप से मुक्त कराने और उनकी आमदनी में बढ़ोतरी करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चौहान ने कहा कि केवल जबलपुर जिले में 6 लाख रजिस्ट्रेशन हुए हैं। यदि अब भी कोई शेष रह गया हो तो आवेदन देने पर उसका नाम जोड़ा जाएगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने गत एक अप्रैल से पंजीकृत पात्र हितग्राहियों को सांकेतिक रूप से जमीन के पट्टे भी वितरित किए। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्र के कुछ हितग्राहियों को चेक प्रदान किए। उन्होंने श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना के तहत भी महिला श्रमिक हितग्राही को 16 हजार रूपए का चेक सौंपा।

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