मध्यप्रदेश

प्रशिक्षु आई.ए.एस. के ऊपर गंभीर आरोप

सीधी——– जन आशिर्वाद यात्रा में चुरहट आये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष कांग्रेस के द्वारा किये गये विरोध प्रदर्शन के साथ ही उन्हें उनकी पार्टी के लोगों द्वारा भी स्थानीय प्रशासन की नाकामी, अभद्रता और लूट-खसोट से उपजे जन आक्रोश का लिखित ज्ञापन के रूप में नाराजगी का सामना करना पड़ा है।

चुरहट की सभा में चुरहट विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत् ही मंडल अध्यक्ष खड्डी, मंडल अध्यक्ष रामपुर नैकिन, म.प्र. जन अभियान परिषद् तथा खंड स्तरीय दीन दयाल अंत्योदय समिति ने अलग – अलग सौंपे ज्ञापन में चुरहट में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं प्रशिक्षु आई.ए.एस. अर्पित वर्मा के ऊपर आर्थिक, नैतिक व सामाजिक आरोप लगाये हैं।

खंड स्तरीय अंत्योदय समिति अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने तो ज्ञापन में यहां तक लिख दिया है कि ‘‘ उचित कार्यवाही न होने की स्थिति में इसी प्रार्थना पत्र को मेरा त्याग पत्र समझें’’। ज्ञातव्य है कि राज्य स्तरीय दीन दयाल अंत्योदय समिति के मुख्यमंत्री स्वयं अध्यक्ष हैं।

अनुविभागीय अधिकारी के क्रियाकलापों से क्षुब्ध अंत्योदय समिति अध्यक्ष ने लिखा है कि अगस्त 2017 में उनकी नियुक्ति के बाद कई बार अनुरोध के उपरांत भी खंड स्तरीय समिति की बैठक नहीं बुलाई गई। जब तक समिति की बैठक नहीं होगी तब तक यह कैसे समीक्षा होगी कि लाभकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सही तरीके से किया जा रहा है या नहीं ? इन्हें फोन करना, अपना अपमान कराना होता है। अब्बल तो फोन रिसीव ही नहीं करते यदि कर लिया तो वरिष्ठ अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों के प्रति इनकी भाषा गाली-गलौज के सम्बोधनों से होती है।

संगठन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली भाजपा के मंडल अध्यक्ष खड्डी अनिल पाण्डेय एवं मंडल अध्यक्ष रामपुर नैकिन वीरेन्द्र तिवारी ने अपने ज्ञापन में प्रशिक्षु अधिकारी के बारे में लेख किया है कि अर्पित वर्मा को मंदसौर किसान गोलीकांड के उपरांत वहां से हटाकर सीधी स्थानांतरित किया गया था।

मंदसौर के एक रेत और भू-माफिया नारायण सिसोदिया से इनकी घनिष्टता और उसके कारोबार में इनके द्वारा लगाये गये धन की जांच की जाये। मंदसौर निवासी धर्मेन्द्र नामक व्यक्ति चुरहट रेस्ट हाऊस के कमरा नंबर-3 में विगत् 6 महीने से किस अधिकार के साथ निवासरत् है ?

चुरहट नगर की सड़कों में इस बरसात में गड्ढे हुये। श्री वर्मा 26 जून 2018 से नगर पंचायत चुरहट के प्रशासक हैं। लेकिन उनके द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया, जबकि वह स्वयं भी उसी सड़क से आवागमन करते हैं। आमजन सहित स्कूली छात्राओं की परेशानी श्री वर्मा को नजर नहीं आई, जिससे प्रशासन की छवि खराब हो रही है। आपके आगमन के पूर्व जब सड़क को ठीक कराना था, तो विपक्षी दल ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस प्रदर्शन और विपक्ष को मौका देने का काम श्री वर्मा की घोर लापरवाही के कारण हुआ है।

चुरहट फोरलेन बायपास का निर्माण कार्य टेडर हो जाने के बावजूद शुरू नहीं हो सका है, क्योंकि भू-अर्जन अधिकारी अर्पित वर्मा पारदर्शी तरीके से भू- अधिग्रहण की कार्यवाही नहीं की जा रही है। स्थानीय किसानों को एक-एक कर बुलाकर मुआवजा निर्धारण व वितरण की कार्यवाही की जा रही है। आम जनमानस में इनकी छवि ‘‘ आओ-लाओ और पाओ’’ वाली बन चुकी है। सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त मध्य प्रदेश की प्रतिबद्धता को प्रशिक्षु आई.ए.एस. श्री वर्मा सरे आम पलीता लगा रहे हैं।

मंडल अघ्यक्षों ने कन्या छात्रावास की दलित महिला अधीक्षिका से अनुचित आचरण की मांग का आरोप लगाते हुये लिखा है कि जब उसके साथ किये गये दुर्व्यहार की सुनवाई जिले स्तर पर नहीं हो सकी तो उसको प्रधान मंत्री तक को पत्र लिखना पड़ा है। श्री वर्मा का यह कृत्य मीडिया में उजागर होने के उपरांत पार्टी की छवि को नुकशान पहुंचा है।

मुख्य मंत्री को दिये गये उपरोक्त ज्ञापनों से स्पष्ट होता है कि चुरहट में शासन के खिलाफ नाराजगी सिर्फ विपक्ष में नहीं बल्कि आम जनमानस सहित सत्तारूढ़ दल के लोगों व पदाधिकारियों में भी थी। उसका खामियाजा भले ही अकेले विपक्ष भुगत रहा हो ?

विजय सिंह
सीधी

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