राजनीति

येदियुरप्पा बहुमत — स्वामी नारायण ??— शैलेश कुमार

कर्नाटक में बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा बहुमत

2005 में झारखंड — शीबू सोरेन के नेतृत्व में कांग्रेस और जेएमएम (झारखंड मुक्ति मोर्चा) गठबंधन को कम सीटें होने के बावजूद राज्यपाल शिब्ते रजी ने सरकार बनाने का न्यौता दिया.

बहुमत साबित करने के लिए 19 दिन का वक्त दिया गया था.

कांग्रेस और जेएमएम गठबंधन के पास 26 सीटें थीं और बीजेपी के पास 36 सीटें.
(******** केन्द्र में कांग्रेस की सरकार)

पिछले वर्ष गोवा में भी यही स्थिति थी. बीजेपी की सीटें कांग्रेस से कम होने के बावजूद राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने बीजेपी को सरकार बनाने का मौका दिया.

बहुमत साबित करने के लिये दो सप्ताह का वक्त दिया.

जगदंबिका पाल की सरकार–1996 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को लगभग पौने दो सौ सीटें थीं. (****(केन्द्र में कांग्रेस की सरकार)

सपा 100 से अधिक तो बसपा को 60 से अधिक सीटें मिलीं. कांग्रेस सिर्फ 33 सीट पर सिमट गई थी.

राज्यपाल रोमेश भंडारी ने राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन लगा दिया था.

बीजेपी और बीएसपी गठबंधन की सरकार.

21 फरवरी 1998 को राज्यपाल भंडारी ने कल्याण सिंह को बर्खास्त कर जगदंबिका पाल को शपथ दिला दी.

राज्यपाल के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई. हाईकोर्ट ने राज्यपाल का आदेश बदल दिया. फिर जगदंबिका को कुर्सी छोड़नी पड़ी.

कर्नाटक के गवर्नर वजुभाई वाला ने सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया.

बीएस येदियुरप्पा ने विवादों के बीच मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.बहुमत सिद्ध के लिये पंद्रह दिनों का समय दिया गया.

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार शाम 4 बजे बहुमत सिद्ध कराने का आदेश दिया है.
फिलहाल कर्नाटक में भाजपा के पास 104 सीटें हैं जबकि कांग्रेस और जेडी(एस) के संयुक्त गठबंधन ने पहले ही 116 सदस्यों की लिस्ट राज्यपाल को सौंपा था.

लेकिन ध्यान यह भी रखना है कि जिस लघु पार्टी ने आज तक कांग्रेस के सहारे सत्ता प्राप्त किया है वह निश्चित तौर पर 6 माह से लेकर एक वर्ष के दरम्यान में राष्ट्रपति शासन का शिकार हुआ है.

कांग्रेस की शाखा होते हुए भी आम आदमी पार्टी को यह दर्द झेलना पडा.

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