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हमारी आस्था का केंद्र है ये अलौकिक शिवमंदिर.

हमारी आस्था का केंद्र है ये अलौकिक शिवमंदिर.

नई दिल्ली :हम आपको भगवान शिव के कुछ अलौकिक मंदिरों के बारे में बताने जा रहे है। ये कुछ ऐसे प्राचीन देवस्थल है जिनसे शिवभक्तों की गहरी आस्था जुडी हुई है।

टूटी झरना मंदिर:

झारखण्ड के रामगढ़ जिले में स्थित टूटी झरना नामक मंदिर , भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर बेहद अद्भुत है क्योंकि यहाँ शिवलिंग का जलाभिषेक कोई और नहीं बल्कि स्वयं माँ गंगा करती है। इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग का जलाभिषेक साल के बारह महीने और चौबीसो घंटे स्वयं माँ गंगा द्वारा किया जाता है। माँ गंगा द्वारा शिवलिंग की यह पूजा सदियों से निरंतर चलती आ रही।

निष्कलंक महादेव मंदिर :Image result for nishkalank mahadev temple gujarat

पांडवों को यहाँ आकर पाप से मुक्ति मिली थी। महाभारत के युद्ध में पांडवो ने कौरवों को मारकर जीत हासिल की थी लेकिन जीत मिलने के बाद वह प्रसन्न नहीं  बेहद दुखी रहने लगे क्योंकि उन्हें प्रतिदिन अपने संबंधियों की हत्या का गम सताता रहता था और वो इस पाप से मुक्ति पाना चाहते थे।

पश्चाताप की आग में जलते हुए पांचो भाई श्रीकृष्ण की शरण में गए, कृष्णा ने उन्हें एक काली गाय और एक काला ध्वज दिया साथ ही उनसे कहा किjis स्थान पर गाय और ध्वज का रंग सफ़ेद हो जाए उस स्थान पर शिव की आराधना करना, ऐसा करने से तुम्हे पाप से मुक्ति मिलेगी। जब पांडव अनेक स्थानोंका भ्रमण कर रहे थे ,अचानक एक स्थान पर जाकर गाय और ध्वज दो नो का रंग सफ़ेद हो गया श्रीकृष्ण की आज्ञा के अनुसार उसी स्थान पर पांडवोने शिवाराधना शुरू की। पाँडवोंकी आराधना से भगवान शिव बेहद प्रसन्न हुए और उन्होंने पांचो भाइयों को अलग अलग लिंग रूप में दर्शन दिए। गुजरात की भूमि पर अरब सागर में इसी स्थान पर निष्कलंक महादेव का मंदिर स्थापित है।

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