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मंगल की धरती पर हेलिकॉप्टर उड़ाएगा नासा, जानिए क्या है इस रोमांचक अाइडिए की वजह

मंगल की धरती पर हेलिकॉप्टर उड़ाएगा नासा, जानिए क्या है इस रोमांचक अाइडिए की वजह

नई दिल्ली : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने मंगल ग्रह के महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट में एक और कामयाबी जोड़ने की तैयारी में है. नासा 2020 तक मंगल की सतह पर अगली पीढ़ी का का रोवर तैनात करना चाहती है. इसी दिशा में नासा मंगल की सतह पर एक रोवर्स भेजा है. अब वह उस धरती पर एक छोटा हेलिकॉप्टर उड़ाने का काम करना चाहता है. मंगल की सतह पर इस तरह का एयरक्राफ्ट पहली बार उड़ाया जाएगा. रिमोट कंट्रोल से संचालित इस हेलिकॉप्टर का वजन करीब 4 पाउंड के बराबर है.

ये हेलिकॉप्टर पतले ब्लेड के सहारे उड़ान भरता है. नासा का कहना है कि इनके पंखों की स्पीड 3 हजार आरपीएम है. जमीन पर हेलिकॉप्टर 40 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ता है. मंगल का वातावरण सिर्फ 1 फीसदी पृथ्वी जैसा है, इसलिए यहां इसकी ऊंचाई पृथ्वी की एक लाख फीट ऊंचाई के समान है.

नासा के अधिकारियों के अनुसार, वह अपने महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट में रोटोक्राफ्ट को कार के आकार के रोवर के साथ अटैच कर भेजेगा. यहां रोवर हेलिकॉप्टर को दिशा निर्देश देगा. नासा का कहना है कि मंगल की धरती पर हेलिकॉप्टर उड़ाने का आइडिया रोमांचक है. उनके अनुसार, मंगल की धरती पर हेलिकॉप्टर से कई तरह की बड़ी जानकारियां हमें मिलेंगी.

नासा के अनुसार, वह फ्लाइट टेस्ट की अवधि 30 दिन रखने की योजना बना रहा है. इसमें कुछ छोटी फ्लाइट शामिल हैं. इसमें 30 सेकंड्स की उड़ान भी शामिल हैं. हेलीकॉप्टर की सोलर सेल्स में लिथियम इयोन बेटरी लगी हैं, जो रात के समय इसे ऊर्जा प्रदान करेंगी

नासा का 2020 का मिशन जुलाई 2020 में फ्लोरिडा में कैप कैनेवरल से लॉन्च किया जाएगा. इसमें रोवर फरवरी 2021 में मंगल की धरती पर पहुंचेगा

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