टेक्नोलॉजी

अब दुनियाभर में उड़ेंगे गोल्ज्यू Drone

अब दुनियाभर में उड़ेंगे गोल्ज्यू Drone
उत्तराखंड में बने राष्ट्र के पहले ‘मेक इन इंडिया’ ड्रोन बद्री  गोल्ज्यू दुनियाभर में उड़ान भरेंगे.नैनीताल के वरिष्ठ वैज्ञानिक राजेंद्र जोशी के बनाए इन ड्रोन की अच्छाई है कि ये दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में दवाइयां  महत्वपूर्ण सामान उपलब्ध करा सकेंगे. इससे भी खास बात यह है कि मार्केट में उपलब्ध 30 से 35 लाख के विदेशी ड्रोन के मुकाबले इनकी मूल्य महज आठ लाख रुपये है. राजेंद्र जोशी अब अपनी कंपनी आरआई इंस्ट्रूमेंट एंड इनोवेशन इंडिया में इसका निर्माण करने जा रहे हैं.मई के अंतिम हफ्ते में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत रिस्पना के पास से किसी गांव में दवाई पहुंचाकर बद्री  गोल्ज्यू ड्रोन की लांचिंग करेंगे.
राजेंद्र जोशी ने दो वर्ष पहले सस्ता ड्रोन बनाने पर कार्य प्रारम्भ किया. कड़ी मेहनत के बाद वह ऐसा ड्रोन तैयार करने में सफल हो गए, जिसकी मूल्य मार्केट में उपलब्ध विदेशी ड्रोन के मुकाबले एक चौथाई है. हाल ही में राजेंद्र ने अपने ड्रोन का लखनऊ में ट्रायल किया तो दस किमी दूर ड्रोन से चाय पहुंचाई. उनका मकसद उत्तराखंड में ड्रोन की सुविधा देना है. वह इस ड्रोन की मूल्य इतनी कर देंगे कि पहाड़ के दो-तीन गांव मिलकर ड्रोन खरीद लेंगे  आवश्यकता के सामान इससे मंगा सकेंगे.
जोशी ने बताया कि एक बार कार्यक्रम फीड करने के बाद उनके ड्रोन देहरादून से हैदराबाद तक का सफर तय कर सकते हैं. अपने ड्रोन में पहली बार उन्होंने बैटरी में ग्राफीन का प्रयोग किया है. ग्राफीन नैनो पार्टिकल है, जिसे वह वेस्ट आइटम से बना रहे हैं. व्यवसायिक तौर पर वह राष्ट्र के पहले ऐसे आदमी होंगे, जो ग्राफीन का इतने बड़े पैमाने पर प्रयोग करेंगे. जोशी का कहना है कि किसी एक विशेष भारवर्ग में तुलना करें तो उनके ड्रोन बहुत ज्यादा सस्ते हैं. जैसे 50 किलो लोड वर्ग में वर्तमान में अमेरिका या दूसरे राष्ट्रों के ड्रोन की मूल्य 30 से 35 लाख रुपये है.
मूलरूप से नैनीताल के दुर्गम मटेला गांव निवासी रिटायर्ड प्रधानाचार्य डॉ तारादत्त जोशी के बेटी राजेंद्र जोशी ने बचपन में उत्तराखंड के बुरी सेहत सुविधाएं देखी. कई बार तो समय पर दवाएं उपचार न मिलने पर मरीजों को दम तोड़ते देखा. उन्होंने तभी तय कर लिया कि बड़े होकर प्रदेश के लिए कुछ ऐसा करेंगे, जिससे यह दुश्वारियां कम हो सकें. उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय से एमएससी फिजिक्स की पढ़ाई के बाद नेशनल फिजिकल लेबोरेट्री दिल्ली से पीएचडी की डिग्री ली.प्रारम्भ में सीएसआईआर लैब में बतौर वैज्ञानिक कार्य किया, लेकिन फिर कुछ कर गुजरने की चाहत में जॉब छोड़ दी. देश-विदेश में कार्य किया  फिर लौट आए. हल्द्वानी में साल 2012 में आरआई इंस्ट्रूमेंट एंड इनोवेशन इंडिया की स्थापना की. वह राष्ट्र में सबसे सस्ते स्पेक्टोमीटर बनाते हैं.
राजेंद्र जोशी के देसी ड्रोन की देश-विदेश में धूम मचने लगी है. महाराष्ट्र पुलिस ने दो ड्रोन लिए हैं, जिन्हें सर्विलांस में प्रयोग किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त यूक्रेन ने पांच ड्रोन का ऑर्डर भेजा है.जल्द ही राजेंद्र सस्ते ड्रोन, उत्तराखंड को देने की तैयारी में है. राजेंद्र जोशी ने अपने हौसले से पहाड़ से पलायन पर रोक लगाई है. वर्तमान में उनकी कंपनी में 200 विशेषज्ञ एवं कर्मचारी कार्यरत हैं. अपनी कंपनी से जुड़े उत्पादों के 30 स्टार्टअप वह उत्तराखंड में प्रारम्भ करा चुके हैं. इसमें अल्मोड़ा आवासीय विवि के विद्यार्थियों के भी दो स्टार्टअप शामिल हैं.

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