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NDA के साथियों से भाजपा परेशान, वरिष्ठ पत्रकार अशोक वानखेड़े की टिप्पणी

NDA के साथियों से भाजपा परेशान, वरिष्ठ पत्रकार अशोक वानखेड़े की टिप्पणी

इंदौर: भाजपा ने एनडीए के दलों को जोड़ने की कवायद चालू कर दी है। जिसके लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सहयोगी दलों के प्रमुख से बातचीत करना शुरू किया है।

आपको बता दे कि इन दिनों भाजपा विपक्षी दलों का कांग्रेस में समर्थन देने से बहुत परेशान है इसके लिए बीजेपी ने मोदी सरकार के चार पूरे होने पर “संपर्क फॉर ऑल” अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत पार्टी के सभी प्रमुख नेता और कार्यकर्ता देश के 1 लाख से ज्यादा लोगो से मुलाकात करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक पटना में बीजेपी के सहयोगी जेडीयू की बैठक हुई थी जिसमे कमेटी ने निर्णय लिया है कि बिहार में अगला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे। वहीँ नीतीश ने भी खुद को भाजपा का बड़ा भाई बताया और आने वाले चुनाव में सीटों के बंटवारे में बड़ा हिस्सा मांगा है।

नीतीश के इस बयान के बाद भाजपा के पास हां में हां मिलाने की सिवा और कोई चारा नहीं है। बीजेपी बिहार में नीतीश को खोना नहीं चाहती है। इसके बाद भाजपा के तमाम सहयोगी दल अपने आप को अपने राज्यों में बड़ा भाई होने की भूमिका चाहते हैं।

ऐसे में भाजपा जानती है टिकट बंटवारे को लेकर अगले  चुनाव में बड़ा तूफान होगा। आपको बता दे कि बीजेपी लगातार गिरती हुई शाख से परेशान है और उसके लिए सभी मित्र दल अहम है।

क्या भाजपा अपने कुनबे को एक साथ रख पाएगी ? क्या मित्र दलों ने कमजोर भाजपा को देखते हुए अपने तेवर बदले ? क्या भाजपा के लिए 2019 के चुनाव बड़ी चुनौती होंगे ? इन तमाम सवालों के जवाब जानने के लिए देखिए वरिष्ठ पत्रकार अशोक वानखेड़े की टिप्पणी।

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