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भूख से सावित्री देवी की मौत,वरिष्ठ पत्रकार अशोक वानखेड़े की टिप्पणी

भूख से सावित्री देवी की मौत,वरिष्ठ पत्रकार अशोक वानखेड़े की टिप्पणी

इंदौर : देश की सरकार आए दिन अफसरों को ठीक से काम करने की हिदायत दिया करती है। क्योंकि अगर अधिकारी महकमा अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभाएगा तो सरकार की तमाम योजना सिर्फ कागज पर ही रखी रह जाएगी।

इसके लिए आये दिन शासन में बेठे मंत्री, प्रशासन के अधिकारियों की बैठक लेते रहते हैं लकिन इसके बावजूद सरकार की नाक निचे बड़े अफसर अपने काम में लेटलतीफी कर रहे हैं।

उनके काम के इस ढीले रविये का अक्सर गरीब ही शिकार होता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें राशन कार्ड नहीं बनने से एक महिला की मौत हो गई।

सूत्रों के मुताबिक झारखण्ड की सावित्री देवी 58 वर्ष  भूख से तड़प कर मर गई क्योंकि अधिकारियों की गलती से उसका राशन कार्ड नहीं बना था। जिसके चलते वह कई दिनों से भूखी थी। सावित्री का राशन कार्ड से मिलने वाला राशन ही एक मात्र ही सहारा था और राशन कार्ड अफसरों की ढीलपोल से नहीं बना था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सावित्री के दो बेटे हैं जो काम नहीं मिलने के कारण भीख मांगकर अपना गुजारा करते हैं। हमारे 21वी सदी के भारत में आज भी लोग भूख से मर रहें हैं।

आखिर क्यों नहीं पहुंची सरकार की तमाम योजना सावित्री देवी के पास? क्यों नहीं बना उसका राशन कार्ड ? कौन जिम्मेदार है सावित्री की मौत का ? इन तमाम सवालों के जवाब जानने के लिए देखिए वरिष्ठ पत्रकार अशोक वानखेड़े की टिप्पणी।

 

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