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क्या आगरा से ताजमहल को किया जा सकता है शिफ्ट?

क्या आगरा से ताजमहल को किया जा सकता है शिफ्ट?

आगरा: सदियों पुरानी ऐतिहासिक धरोहर ताजमहल ने उत्तर प्रदेश के आगरा शहर को विश्व पटल पर एक पहचान दी है। क्या उस ताजमहल को कहीं शिफ्ट किया जा सकता है। सुनने में बहुत अटपटा सा लग रहा है लेकिन पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा धीरे-धीरे जोर पकड़ रही है।

पूरे विश्व के सात अजूबों में शुमार ताजमहल उत्तर प्रदेश के आगरा शहर की शान बना हुआ है। बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या ताजमहल जैसी बड़ी इमारत को शिफ्ट करना वाकई मुमकिन है? सुनने में बड़ा बेटी कौन सा लग रहा है लेकिन BBC हिंदी में इस विषय पर एक लेख प्रकाशित किया है। इसके आधार पर ही हम अपने पाठकों को यह खांका बयां कर रहे हैं जिसके आधार पर यह मुमकिन लग रहा है।

ताजमहल को शिफ्ट करने की वजह

उत्तर प्रदेश के आगरा शहर से ताजमहल को किसी और शहर में शिफ्ट करने की बात नहीं कही गई है। लेकिन इसे आगरा शहर में कहां शिफ्ट किया जाएगा इस पर भी कोई जानकारी नहीं दी गई है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली से आगरा जाने पर ताजमहल यमुना के दाएं तरफ स्थित है। इसकी वजह से आने जाने वालों को शहर के बीच से होकर यहां पहुंचना पड़ता है और यही एक खास वजह भी है क्योंकि यहां पर जाम की स्थिति बनी रहती है। ताजमहल को उठाकर यमुना के बाएं तरफ शिफ्ट कर दिया जाए!

विश्व में ऐतिहासिक मंदिरों को किया गया है शिफ्ट

उत्तर प्रदेश के आगरा शहर के ताजमहल को यमुना के बाएं ओर शिफ्ट करने की बात आपको थोड़ी अटपटी जरूर लग रही होगी। लेकिन हम आपको बता दें कि मिस्र में इस प्रकार के कारनामों को बरसों पहले किया जा चुका है। मिस्र के पास कोई बहुत विशेष प्रकार की तकनीक मौजूद नहीं थी। मिस्र ने 3 हजार साल पुरानी अपनी ऐतिहासिक इमारत को इंसानों की मदद से हटाकर दूसरी जगह ले जाया गया और फिर उसी रुप से पुनः स्थापित किया गया।

उत्तर प्रदेश के आगरा शहर के ताजमहल की भांति ही मिस्र का अबु सिंबल मंदिर दक्षिण मिस्र की प्राचीन घाटी नूबियन में पहाड़ काटकर बनाया गया है। बताया जाता है कि मिस्र के इस विशाल अबु सिंबल मंदिर के पास से गुजरने वाली नील नदी से जुड़ी एक झील के पास बांध का निर्माण किया गया था। जिसकी वजह से अबु सिंबल मंदिर के जलाशय में समा जाने का खतरा मंडराने लगा था। यदि वियना हिस्टोरिक सेंटर, कंबोडिया के अंकोरवाट या यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट की तरह अबु सिंबल मंदिर को शिफ्ट नहीं किया गया होता। तो शायद यह विशाल एवं अद्भुत मंदिर नील नदी के पास से गुजरने वाली झील पर बनाए गए बांध से डूबकर खत्म हो चुका होता।

यूनेस्को की मदद से हुआ शिफ्ट

मिस्र ने अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को संजोने के लिए कई सार्थक प्रयास किए हैं। जिसमें अबु सिंबल मंदिर इसकी सबसे बड़ी मिसाल है। जिसे नील नदी पर बनने वाले अस्वान बांध की वजह से दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। ऐतिहासिक धरोहरों की विशाल एवं अद्भुत कलाकृतियों को संजो कर रखने का यह सपना देखना और इन्हें शिफ्ट करना जितना मुश्किल लग रहा है वाकई में यह उससे भी ज्यादा जटिल है। एक टीम ने मिस्र के इस ऐतिहासिक मंदिर को 5 साल की कड़ी मशक्कत के बाद तोड़ा। इसके बाद मंदिर के टुकड़े उठाकर पहाड़ी पर करीब 60 मीटर की ऊंचाई पर लाकर टुकड़े में हुए पत्थरों को जोड़कर मंदिर को फिर से तैयार किया गया। इस मंदिर को करीब 860 टुकड़ों में काटा गया। वही रानी के अद्भुत मंदिर को 200 से ज्यादा टुकड़ों में काटकर दूसरी जगह ले जाया गया।

उत्तर प्रदेश के आगरा शहर की शान कहे जाने वाले ताजमहल को शिफ्ट करना क्या मुमकिन है इस पर विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में भी ऐसा कर पाना संभव ही लगता है। ताजमहल के लिए सुप्रीम कोर्ट हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार के साथ-साथ रखरखाव वाली एजेंसी को फटकार लगा चुकी है।

यूनेस्को कर रहा है प्रोजेक्ट पर काम

यूनेस्को ऐतिहासिक धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों के लिए संजो कर रखने के लिए एक रूपरेखा तैयार कर ली है। हालांकि अभी इस प्रोजेक्ट में ताजमहल को शिफ्ट करने को लेकर कोई बात नहीं कही गई है। लेकिन अगर इसकी जरूरत पड़ती है तो यूनेस्को की मदद ली जा सकती है। फिलहाल यूनेस्को इटली के वेनिस शहर को बचाने पर काम कर रहा है जो 1960 में आई बाढ़ में कमोबेश तबाह हो चुका था।

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