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चाइना ने मच्‍छर को माना जानी दुश्‍मन

चाइना ने मच्‍छर को माना जानी दुश्‍मन

चीन अपनी सेना को संसार की प्रमुख सैन्‍य शक्तियों में शुमार करने की ख्‍वाहिश रखता है इसलिए सेना राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी सेना को मॉडर्न बनाने का ऐलान किया है इसी कड़ी में सैन्‍य बलों के आधुनिकीकरण के साथ-साथ सैन्‍य साजो-सामान को मॉडर्न बनाया जा रहा है हालांकि चाइना की तेज गति से बढ़ते सैन्‍य आधुनिकीकरण के चलते सबसे ज्‍यादा मच्‍छरों को चिंतित होने की आवश्यकता है साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट की एक रिपोर्ट के अनुसार चाइना ने मच्‍छरों के विरूद्ध एक अत्‍याधुनिक रडार विकसित कर इसके विरूद्ध जंग का ऐलान कर दिया है

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दरअसल बीजिंग इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी(BIT) की रक्षा लेबोरेटरी एक ऐसे प्रोटोटॉइप रडार को विकसित करने की प्रयास कर रही है जो दो किमी के रेडियस में उपस्थित एक मच्‍छर की भी सूचना देने में समर्थ होगी मच्‍छर को पहचानने के बाद इससे बेहद तेजी से इलेक्‍ट्रो-मैग्‍नेटिक तरंगें निकलेंगी  ये मच्‍छर को मारने का कार्य तो करेंगी ही, इसके साथ ही उसकी प्रजाति, लिंग, उड़ने की स्‍पीड  दिशा के बारे में भी जानकारी लेकर आएंगी यह सुनने में भले ही साइंस फिक्‍शन सरीखा लगता है लेकिन यह सच है

मिसाइल डिटेक्‍शन सिस्‍टम
इस टेक्‍नोलॉजी का इस्‍तेमाल कमोबेश उसी तरह किया जाएगा जिस तरह दुश्‍मन मिसाइल की पहचान के लिए मिसाइल डिटेक्‍शन सिस्‍टम होता है स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों के मुताबिक मच्‍छरों के विरूद्ध यह अभियान पूरी संसार के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है ऐसा इसलिए क्‍योंकि मच्‍छर अनेक नुकसानदेह वायरस के वाहक होते हैं ऐसे में इस तरह के रडार का विकास ऐसे मच्‍छरों की पहचान, नियंत्रण  रोकथाम के लिए है उल्‍लेखनीय है कि अब तक सभी युद्धों में जितने लोग हताहत हुए हैं, उससे अधिक जानें मच्‍छरों के कारण गई हैं चाइना अपने इस नए इस्तेमाल पर 12.9 मिलियन डॉलर खर्च कर रहा है

राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने साल 2015 में यह घोषणा की थी कि संसार के सबसे बड़ी सेना में तीन लाख कर्मियों की कटौती की जाएगी (फाइल फोटो)

चीन कर रहा जवानों की संख्‍या में कटौती
दुनियाभर के राष्ट्र अपने-अपने हिसाब से सैन्य ताकत बढ़ाने में जुटे हैं इसी कड़ी में पड़ोसी राष्ट्र चाइनाअपनी ताकत बढ़ाने के लिएकाम कर रहा है चाइना की सेना ने बोला कि उसने तीन लाख जवानों की सेवा से कटौती के अपने लक्ष्य को पूरा कर लिया है  आने वाले समय में  सुधार किए जाएंगे चीनी रक्षा प्रवक्ता कर्नल रेन गुओकियांग ने संवाददाताओं को बताया, ‘सेना में तीन लाख कर्मियों की कटौती करने के लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है ’ उन्होंने यह भी बोला कि सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना  राष्ट्र की ओर से किया गया यह एक जरूरी फैसला  राजनीतिक घोषणा थी

राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने साल 2015 में यह घोषणा की थी कि संसार के सबसे बड़ी सेना में तीन लाख कर्मियों की कटौती की जाएगी चाइना ने इस बार अपने रक्षा बजट में बेतहाशा बढ़ोतरी कर इसे 175 अरब डॉलर कर दिया है आइए समझने की प्रयास करते हैं आखिर जवानों की संख्या क्यों घटा रहा है चीन?

सैनिकों की सैलरी के बजाय सेना के आधुनिकीकरण पर फोकस
हिंदुस्तान के पास करीब 14 लाख सैनिक हैं, वहीं इस मामले में चाइना का आंकड़ा करीब 20 लाख है मौजूदा वक्त में सैनिकों से युद्ध का चलन कम होता जा रहा है इसके बजाय आधुनिक हथियारों से लड़ाई लड़ी जाती हैं इस बात को ऐसे समझें कि हिंदुस्तान गवर्नमेंट रक्षा के लिए जितना बजट आवंटित करती है उसका करीब 90 प्रतिशत भाग सैनिकों पर खर्च हो जाता है, जिसके चलते सेना के आधुनिकीकरण पर खर्च के लिए छोटी रकम बचती है अगर जवानों की संख्या कम कर दी जाए तो उन्हें ज्यादा अत्याधुनिक हथियार, कपड़े आदि संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं चाइना इस फॉर्मूले को समय-समय पर अपनाता रहा है

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