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ओली ने जताया भरोसा- भारत के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा नेपाल के भूभाग का इस्तेमाल

ओली ने जताया भरोसा- भारत के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा नेपाल के भूभाग का इस्तेमाल

काठमांडू| प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नेपाल यात्रा ने दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों की एक दास्तां लिखी है। पीएम मोदी की इस यात्रा ने उन कयासों को ख़त्म कर दिया गया है जिसमें आशंका जताई जा रही है कि चीन नेपाल के भूभाग का इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर सकता है।

दरअसल, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी को भरोसा दिलाया कि नेपाल के क्षेत्र का इस्तेमाल नई दिल्ली के हितों के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा। यह जानकारी भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने शनिवार को दी।

गोखले ने मीडिया से बातचीत में कहा की ओली ने अपनी बात दोहराते हुए कहा है कि वह हमारी चिंताओं को लेकर संवदेनशील हैं और उनके देश के भूभाग का इस्तेमाल किसी के द्वारा भारत के खिलाफ नहीं करने दिया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। गोखले ने ओली के बयान को काफी महत्वपूर्ण बताया।

ओली के नेपाल के प्रधानमंत्री के तौर पर पहले कार्यकाल अक्टूबर 2015 से अगस्त 2016 के दौरान भारत और नेपाल के संबंधों में भावशून्यता बनी हुई थी जब नई दिल्ली के ऊपर सीमाबंदी के कारण नेपाल की अर्थव्यवस्था चरमराने के लिए नई दिल्ली को कसूरवार ठहराया गया था। यह भी माना जा रहा था कि ओली का झुकाव भारत के बजाय चीन की तरफ ज्यादा है।

गोखले ने कहा कि मोदी के दो दिवसीय नेपाल यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि चाहे सीमापार बिजली की बात हो या संपर्क बढ़ाने की, दोनों देशों के रिश्तों में मजबूती को भारत तवज्जो दे रहा है।

फरवरी में नेपाल की सत्ता संभालने के बाद ओली अपनी पहली विदेश यात्रा पर अप्रैल में भारत आए। गोखले ने कहा कि भारत ने नेपाल में लोकतंत्र बहाली का स्वागत किया है। उन्होंने कहा की ओली ने मोदी से इस बात की पुष्टि की कि नेपाल इस साल बंगाल की खाड़ी बहुक्षेत्रीय प्रौद्योगिकी व आर्थिक सहयोग प्रस्ताव (बिम्सटेक) सम्मेलन की मेजबानी करेगा। बिम्सटेक में बंग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाइलैंड शामिल हैं।

मोदी ने ओली के अलावा नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी और सरकार के अन्य अधिकारियों से बातचीत की और कहा की नेपाल के साथ सभी गलतफहमी समाप्त हो गई है। मोदी नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और नेपाली कांग्रेस के अन्य सदस्यों समेत विपक्षी दलों के नेताओं से भी मुलाकात की।

उन्होंने नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी केंद्र) के अध्यक्ष पुष्प कमल दहाल ‘प्रचंड’ के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने को लेकर भी बातचीत की।

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