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ट्रम्प पर चलेगा यौन शोषण का केस, कोर्ट बोली राष्ट्रपति कानून से ऊपर नहीं

ट्रम्प पर चलेगा यौन शोषण का केस, कोर्ट बोली राष्ट्रपति कानून से ऊपर नहीं

New York/Alive News : महिला शोषण के एक पुराने मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस मामले में न्यूयॉर्क की एक कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। 43 साल की समर जेर्वोस ने ट्रम्प पर जबरन सेक्स के लिए कोशिश करने का आरोप लगाया है। मैनहट्टन में स्टेट सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जेनिफर शेक्टर के इस फैसले के बाद ट्रम्प पर शोषण का आरोप लगाने वाली बाकी महिलाओं के लिए भी कानूनी रास्ता साफ हो सकता है।

कोर्ट ने बिल क्लिंटन केस का हवाला दिया
– ट्रम्प के वकील की दलील थी कि मौजूदा राष्ट्रपति स्टेट कोर्ट के न्यायिक अधिकार क्षेत्र में नहीं आते। जस्टिस शेक्टर ने इस दलील को खारिज कर दिया। जज ने अमेरिका के टॉप सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि पहले भी पाउला जोन्स को राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के खिलाफ शोषण का केस लड़ने की अनुमति दी जा चुकी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति कानून से ऊपर नहीं : जज
– जस्टिस शेक्टर ने फैसले में लिखा, ”अमेरिका का राष्ट्रपति अपनी निजी गतिविधियों के चलते कानून के दायरे में रहता है। वह कानून से ऊपर नहीं है। कानून से ऊपर कोई नहीं है। यह पहले ही तय हो चुका है कि अमेरिका के राष्ट्रपति को भी कोई छूट नहीं है और वह पूर्ण रूप से निजी कामों के लिए कानून के दायरे में हैं।”

ट्रम्प की कंपनी में काम कर चुकी हैं समर
– जेर्वोस ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव कैंपेन के दौरान ट्रम्प पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। जेर्वोस के मुताबिक, 2007 में उनकी इच्छा के विरुद्ध जाते हुए ट्रम्प ने उन्हें गलत तरीके से छुआ। फिर उन्हें चूमा और जबरन उनसे चिपक गए। तब जेर्वोस ट्रम्प के रियलिटी टीवी शो ‘द एपरेंटिस’ की सलाहकार थीं।

ट्रम्प ने आरोपों को झूठा करार दिया था
– ट्रम्प ने सार्वजनिक तौर से जेर्वोस की आलोचना की और उन्हें झूठा करार दिया। ट्रम्प ने उल्टा आरोप लगाते हुए कहा था कि जेर्वोस चुनावों को प्रभावित करने के लिए मनगढ़ंत आरोप लगा रही हैं। ट्रम्प ने समर जेर्वोस के खिलाफ मानहानि की याचिका दायर की है।

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