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ट्रंप और किम की मुलाकात से हुआ सबसे खतरनाक समस्या का हल

सेंटोसा (सिंगापुर): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोन-उन के बीच बातचीत आखिरकार कामयाब रही। ट्रंप ने किम को पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए राजी कर लिया। दोनों नेताओं ने 90 मिनट तक बातचीत की। एटमी हथियार को खत्म करने की प्रक्रिया पर जल्द काम शुरू हो जाएगा। बदले में अमेरिकी ने उसे सुरक्षा का भरोसा दिया। इसके लिए दोनों नेताओं ने एक करार पर हस्ताक्षर किए। इस तरह अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच पिछले 65 साल बंद बातचीत फिर से शुरू हो गई।
कई बार मसला सुलझाने की हुई कोशिश
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ड्वाइट आइजनहॉवर (1953) से लेकर बराक ओबामा (2016) तक 11 अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने उत्तर कोरिया का मसला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी थी।
मुलाकात अच्छी रहीः ट्रंप
ट्रंप और किम के बीच यह मुलाकात मंगलवार को सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप के कापेला होटल में हुई। ट्रंप ने कहा कि किम के साथ मुलाकात बहुत अच्छी रही। हम दोनों के बीच बेहतर रिश्ते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वे और किम मिलकर बड़ी समस्या को हल करेंगे। हम साथ मिलकर काम करेंगे। हमें कामयाबी मिलेगी और हमारे रिश्ते भी शानदार रहेंगे। इस बैठक के पहले ट्रम्प ने कहा था कि वे पहले मिनट में किम के हाव-भाव देखकर बता देंगे कि समिट कारगर होगी या नहीं।
सबसे खतरनाक समस्या का हल
ट्रंप ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी और खतरनाक समस्या का हल हो गया है। इसके लिए मैं किम को धन्यवाद देता हूं। वो बहुत कठिन समय था। अब दोनों देश मिलकर काम करेंगे और एक-दूसरे का सम्मान करेंगे। ट्रंप से ये पूछे जाने पर क्या आप किम को व्हाइट हाउस आने का न्योता देंगे, ट्रंप ने कहा- बिल्कुल।
दुनिया बड़ा बदलाव देखेगीःकिम
अमेरिका के साथ करार पर हस्ताक्षर करने के बाद किम ने कहा कि दुनिया एक बड़े बदलाव को देखेगी। हमने अतीत को छोड़ने का फैसला किया है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि यहां तक पहुंचना आसान नहीं रहा। पुरानी मान्यताओं ने रोड़ा अटकाने की कोशिश की। लेकिन हम इससे उबरे और आज यहां हैं। मीडिया ने जब किम से पूछा कि क्या उन्होंने एटमी साइट को बंद कर दिया वे सिर्फ मुस्कराते रहे। उन्होंने कहा कि लोगों को ये मुलाकात किसी साइंस फिक्शन फिल्म की तरह लग सकती है।

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